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यूपी में लेखपाल भर्ती के लिए UPSSSC को भेजा गया 7882 वैकेंसी का प्रस्ताव 

यूपी सरकार ने ग्रुप सी के पदों पर भर्ती में होने वाली किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( यूपीएसएसएससी ) इसके लिए द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली में प्रारंभिक परीक्षा (पेट) कराएगा। इसके नतीजे परसेंटाइल स्कोर के आधार पर घोषित किए जाएंगे। यह एक साल के लिए मान्य होगा।

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अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंहल ने इस संबंध में शासनादेश कर दिया है। प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन साल में एक बार होगा। नई व्यवस्था में कुल प्राप्तांकों के स्थान पर परसेंटाइल स्कोर ही घोषित किया जाएगा। इसके आधार पर ही मुख्य परीक्षा के आवेदनकर्ताओं की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। विभिन्न विभागों की विशिष्ट जरूरतों व सेवा नियमावलियों के प्रावधानों के अनुसार प्रारंभिक अर्हकारी परीक्षा के स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग किए गए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा या शारीरिक परीक्षा कराई जाएगी।

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प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंक अगले एक वर्ष या केंद्र सरकार द्वारा भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षा में प्राप्त अंक, जो भी पहले हो तक के लिए मान्य होंगे। राष्ट्रीय भर्ती संस्था (एनआरए) के गठन के बाद आयोग द्वारा मुख्य परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों की शार्टलिस्टिंग में एनआरए के सामान्य अर्हता परीक्षा (सीईटी) के स्कोर का ही उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के लिए बार-बार आवेदन की जरूरत नहीं होगी। ‘अपने अभ्यर्थी को जाने’ प्रक्रिया को अपनाते हुए उनका एक बारगी पंजीकरण कराए जाने और द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत समूह ग के विभिन्न विभागों के सभी प्रकार के पदों के लिए प्रारंभिक अर्हकारी परीक्षा आयोजित होगी।

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