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क्या काली मिर्च के सेवन से मिल सकती है कोरोना से निजात ?

देशभर में कोरोना कहर बढ़ता जा रहा है , पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 96 हजार से अधिक नए केस सामने आए। वहीं यूपी में एक दिन में अधिकतम कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने का रिकॉर्ड एक बार फिर टूट गया। बता दें बृहस्पतिवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 7042 नए मामले सामने आए हैं। इससे पहले अधिकतम मरीज की संख्या 6777 थी। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 2,92,226 हो गई है। जबकि वहीं अब तक करोना जांच का आंकड़ा 70,67,208 हो गया है।  

गौरतलब है कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अभी तक कोई ऐसी दवा नहीं आई है जो की कोरोना को हराने में पूरी तरह से सफल हुई हो। आपको बता दूँ कि अभी तक प्लाज्मा थेरेपी को इसके इलाज में काफी कारगर बताया जा रहा था। लेकिन  इस थिरेपी पर भी आईसीएमआर  ने एक बड़ा खुलासा किया है कि कोरोना मरीजों पर प्लाज्मा चढ़ाने से भी कोई अलग असर नहींहो रहा है। प्लाज्मा थेरेपी उनकी जान बचाने में भी कोई अतिरिक्त मदद नहीं कर सकती है। ऐसे में हर कोई कोरोना की दवा के बारें में तरह तरह के दावे कर रहा है। 


यह भी पढ़े : ICMR की रिपोर्ट : प्लाज्मा थेरेपी  नहीं हो रही कोविड 19 के मरीजों के लिए कारगर  

जानिए कैसे वायरल हुआ यह विडिओ 

इसी के साथ हर व्यक्ति के दिमाग में बस यहॉ सवाल आ रहा है की आखिरकार कोरोना वायरस की वैक्सीन या दवा कब आएगी, इसको लेकर अभी भी अभी भी लोगो के दिमाग में असमंजस  स्थिति बानी हुई है।गौरतलब है की पहले से ही मौजूद कुछ दवाओं की मदद से संक्रमित मरीजों की जान जरूर बचाई जा रही है लेकिन उसका भी कोई खास फायदा नहीं नजर आ रहा है।ऐसे में सोशल मिडिया पर कोरोना वायरस के इलाज को लेकर एक मैसेजकाफी तेजी से वायरल हो रहा है। 

आपको बता दूँ की सोशल मिडिया पर कोरोना की दवा को लेकर दावा किया जा रहा है कि कोरोना का घरेलू इलाज मिल गया है और उसे एक भारतीय छात्र ने खोजा है। उस मैसेज में यह भी दावा किया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस घरेलू इलाज को मंजूरी भी प्रदान कर दी है। अब इसमें जानने वाली बात यह की आखिर यह मैसेज कहाँ से लीक हुआ और इसमें कितनी सच्चाई है आइये जानते है आगे की पोस्ट में।

दरअसल जो इस समय सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है उस मैसेज में लिखा है, 'पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के एक भारतीय छात्र रामू ने कोरोना वायरस का घरेलू इलाज ढूंढ लिया है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहली बार में ही मंजूरी दे दी। उसने ये साबित कर दिया कि एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण, दो चम्मच शहद और थोड़ा सा अदरक का रस, लगातार पांच दिनों तक लिया जाए तो कोरोना के प्रभाव को 100 फीसदी खत्म किया जा सकता है। पूरी दुनिया इस उपाय को स्वीकार करने लगी है।' 


जानिए कितनी है इस मैसेज में सच्चाई 


इस मैसेज  के बारे में आपको कुछ भी बताने के बारें में आपको पहले मैं ये बता दूँ की कोरोना की दवा को लेकर घरेलु नुस्के के दवा करने वाला यह कोई पहला मैसेज नहीं है इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चूका है। क्योकि मै आपको बता दूँ की इस बारे में WHO ने तो पहले ही यह साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस की अब तक कोई दवा नहीं बनी है और न ही काली मिर्च के सेवन से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। इसी के साथ आपको यह बता दूँ कि  की पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने अगस्त महीने में ट्वीट कर इस मैसेज को फेक न्यूज बताया था और कहा था कि कई वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के लिए इस तरह के किसी भी इलाज को मंजूरी नहीं दी है। 

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जानें किन -किन बीमारियों से बचाती है काली मिर्च 

आपको बता दूँ कि  काली मिर्च हमने हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर को बाहरी आक्रमणकारियों, जैसे- बैक्टीरिया, वायरस और विषाक्त पदार्थों से बचाती है। इसलिए प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए हमें अपने आहार में हल्दी और काली मिर्च जैसे प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले मसालों को जरूर शामिल करना चाहिए। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, हल्दी और काली मिर्च एक शक्तिशाली संयोजन है। इसके साथ ही  काली मिर्च में रोगाणुरोधी गुण भी मौजूद होते हैं।

इसका इस्तेमाल खांसी और सर्दी-जुकाम के उपचारों में व्यापक रूप से किया जाता है। इसे कफ को कम करने में भी सहायक माना जाता है।लेकिन ज्यादा मात्रा में काली मिर्च का सेवन करने से फायदे की जगह शरीर को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए काली मिर्च का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। 

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