news-details
State

मौजूदा खौफ के बावजूद ठीकठाक पड़े वोट, 54% मतदान

पहले चरण की 71 सीटों पर बुधवार को मतदाताओं ने जिस उत्साह का प्रदर्शन किया, उसकी कल्‍पना भी नहीं की गई थी क्योकि इस बार कोरोना के खतरे के साथ साथ नक्सलियों का दर भी मौजूद था, बता दें कि  बिहार के नक्सली प्रभावित इलाकों में बेशक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे, फिर भी जंगलों-पहाड़ियों से घिरे बूथों पर जाकर वोट डालना कम खतरनाक नहीं था।

यह भी पढ़े : सत्ता में आए चिराग़ तो सीएम नितीश को भेजेंगे जेल, बोले बिहार को बर्बाद कर दिया 

 ऐसे में वोट देने आए मतदाताओं के जज्बे को दाद देनी होगी कि लोकतंत्र की हिफाजत के लिए किसी अवरोध को नहीं माना। बेखौफ घरों से निकले और जमकर वोट डाले। चौतरफा खतरों के बावजूद 53.54 फीसद मतदान को कम नहीं कहा जा सकता है। यह इस मायने में भी उल्लेखनीय है कि 2010 के विधानसभा चुनाव की तुलना में अबकी ज्यादा वोट पड़े।

यह भी पढ़े : पटना : स्वच्छता समझाने को गली-गली घूम रहे बॉलीवुड स्टार संजय मिश्रा

मगध और शाहाबाद के की 35 सीटें थी संवेदनशील

पहले चरण में मगध और शाहाबाद इलाके की 71 सीटों में से 35 को संवेदनशील माना था। इनमें चार सीटें अति संवेदनशील थीं, उत्साहित वोटरों की हिम्मत ने वोट तंत्र के जरिए सियासत में सकारात्मक बदलाव की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।आधी आबादी और युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। सासाराम, औरंगाबाद और गया जिलों का मतदान प्रतिशत बता रहा है कि महिलाएं और युवा किसी से कम नहीं हैं। 

You can share this post!

0 Comments

Leave Comments