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दिल्ली : AIMS शुरू करेगा पोस्ट-कोविड रिकवरी क्लिनिक, इस्राइल करेगा मदद

देशभर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। हालंकि राहत की बात ये है कि कोरोना संक्रमण से लोग तेजी से ठीक हो रह हैं, हालांकि इनमें से कुछ लोगों में ठीक होने के बाद भी फेफड़ों से संबंधित समस्याएं मिल रही हैं। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। एम्स अस्पताल अब इन रोगियों पर ध्यान केंद्रित करेगा और इनके इलाज के लिए पोस्ट-कोविड रिकवरी क्लिनिक शुरू किया जाएगा ताकि उनके फेफड़ों की क्षमता में सुधार पर ध्यान दिया जा सके। 

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एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जिन मरीजों में रिकवरी के बाद फेफड़ों की समस्या मिल रही है, उन पर भी ध्यान दिया जाएगा। व्यायाम, दवाओं और अन्य उपकरणों की सहायता से इन रोगियों का इलाज शुरू किया जाएगा।

इसके लिए अस्पताल में एक पोस्ट कोविड रिकवरी क्लिनिक चालू होगा। उन्होंने बताया कि क्लिनिक के लिए इस्राइल भारत की मदद करेगा। इस्राइल की ओर से उपलब्ध कराए गए रोबोट उपकरण रोगियों की निगरानी करने में मदद करेंगे। 

उन्होंने कहा कि ये उपकरण दूरदराज के क्षेत्रों में भी फेफड़े, हृदय और सांस लेने की समस्याओं वाले लोगों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है और उनके जीवन को बचाया जा सकता है। इनका कस्बों और अन्य क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शहरों के बड़े अस्पतालों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की स्थिति भारत के कुछ राज्यों में अभी जैसी है आने वाले समय में उससे कुछ खराब भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि  देश में अगले कुछ सप्ताह में पीक की स्थिति हो सकती है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि लोगों को सभी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। 

इस्राइल ने उपलब्ध कराए आधुनिक चिकित्सीय उपकरण
भारत में इस्राइल के राजदूत डॉ. रॉन मलका मंगलवार को एम्स पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया को  कोरोना के इलाज में मदद करने के लिए आधुनिक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध कराए। इनमें हृदय, फेफड़ों और सांस संबंधी उपकरण थे। नॉन इन्वेंसिव कोविड जांच प्रणाली विकसित करने के साथ-साथ इस्राइल इस क्लिनिक को तैयार करने में भी भारत का सहयोग करेगा। 

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