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खाकी के बाद अब खादी पहनेगे बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का जीवन भी कम नाटकीय नहीं रहा है। मुश्लिक परिस्तिथियों से निकलकर बिहार में पुलिस डिपार्र्टमेन्ट के सबसे सिनिओर पद यानि की DGP और अब जेडीयू में शामिल। बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल 28 फरवरी, 2021 तक था लेकिन 22 सितंबर 2020 को ही VRS लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय के इतने लम्बे सफर की कहानी आइये जानते हैं।

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बिहार के बक्सर ज़िले के एक छोटे से गांव गेरूआ में जन्मे 1987 बैच के आईपीएस गुप्तेश्वर पांडेय। पिता जगदीश पांडेय और माता गंगाजला देवी ,भाई श्रीकांत प्रत्यूष बिहार के चर्चित मीडियाकर्मी हैं तो दूसरे भाई रास बिहारी पांडेय पेशे से किसान
बचपन से ही उनका झुकाव सिविल सर्विस की ओर था और वह समाज के लिए कुछ करना चाहते थे क्योंकि उन्होंने अपना बचपन एक गांव में बिताया जो बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम था
शुरुआती पढ़ाई-लिखाई सरकारी स्कूल से फिर पटना विश्वविद्यालय में दाखिला और पढ़ाई के बाद, यूपीएससी की परीक्षा और 1987 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए
और अब वक्त आ गया उनके पुलिस करियर का बिहार में पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले गुप्तेश्वर पांडेय ने कुछ प्रमुख जिलों में एसपी के रूप में काम किया।
इसके बाद बिहार में मुजफ्फरपुर रेंज के तिरहुत डिवीजन में पुलिस महानिरीक्षक (Inspector General of police) के रूप में तैनात रहे अब एक आईजी के रूप में अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने अपराध पर लगाम लगाने और बिहार राज्य में पुलिस को जनता से जोड़ने के लिए कई पहल शुरू की।
अपने अभियानों और पहलो के चलते सरकार से व्यापक समर्थन मिला और जनवरी 2019 में बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बने। बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल 28 फरवरी, 2021 तक था, लेकिन उन्होंने उससे पहले ही नौकरी छोड़ दी। और अब आईपीएस अधिकारी के तौर पर पांडेय ने करीब 33 साल की सेवा पूरी की है।

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लेकिन ये कोई पहले मौका नहीं है जब पांडेय ने VRS लिया है इससे पहले 2009 में जब वीआरएस लिया था तब वो आईजी थे और 2019 में उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था लेकिन अब बिहार का ये सिपाही खाकी के बाद अब khaki पहनेगे ऐसे में गुप्तेश्वर पांडेय को उम्मीद है कि वे JDU और बीजेपी के संयुक्त प्रत्याशी बनकर बक्सर की जनता के दिल में आसानी से जगह बनाकर चुनावी जीत हासिल कर लेंगे.

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