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जानें कौन हैं बाहुबली विधायक विजय मिश्रा

उत्तर प्रदेश के ज्ञानपुर से निषाद पार्टी के विधायक रहे विजय मिश्रा अपने वायरल वीडियो और गिरफ़्तारी को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं. पिछले दिनों उन्होंने योगी सरकार पर ब्राह्मण होने के नाते हत्या की साजिश का आरोप लगाया था. जिसके बाद से वे लगातार सुर्ख़ियों में बने रहे हैं.

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हालांकि ये पहली बार नहीं है इससे पहले भी उनका नाम कई बार विवादों से जुड़ चुका है. इनका सियासी सफ़र भी काफी दिलचस्प माना जाता है. वे 4 बार ज्ञानपुर से विधायक चुने जा चुके हैं. विजय मिश्रा एक कट्टर ब्राम्हण वादी छवि के नेता हैं। उनको उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े ब्राम्हण बाहुबली नेता के तौर पर जाना जाता है। 

मध्यप्रदेश के रीवा में भी विजय मिश्रा के नाम का डंका बजता है।  प्रयागराज जिले के सैदाबाद क्षेत्र के खपटीहां गांव में जन्मे विजय मिश्रा ने साल 1980 में एक पेट्रोल पंप और ट्रक संचालन से अपने कारोबारी जीवन की शुरुआत की थी।

मोदी लहर में भी दर्ज की जीत 
पुलिस की पकड़ से खुद को बचाने के लिए वह कभी हेलिकॉप्टर से भागे तो कभी उन्होंने साधु वेश में आत्मसमर्पण किया। मुलायम परिवार के काफी करीब रहते हुए भी साल 2017 के चुनाव में अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया था। जिसके बाद उन्होंने निषाद पार्टी से चुनाव लड़ा और मोदी लहर के बावजूद ज्ञानपुर से जीत दर्ज की। इस बीच उनकी पत्नी रामलली मिश्रा भदोही से जिला पंचायत अध्यक्ष और मिर्जापुर-सोनभद्र सीट से एमएलसी का चुनाव भी जीतीं।  

विधायक बनने तक का सफर

पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के निर्देश पर वह राजनीति में आए और नब्बे के दशक में वह ब्लॉक प्रमुख बन गए। इसके बाद भदोही में जिला पंचायत के चुनाव में विजय मिश्र की हमेशा अच्छी-खासी दखल रही। साथ ही आपराधिक आरोपों में मुकदमों की संख्या भी बढ़ती गई। साल 2001 के आसपास एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव से विजय मिश्रा की करीबी बढ़ी। फिर वह एसपी के टिकट से ज्ञानपुर से साल 2002, 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव जीते। 

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साधु वेश में किया था आत्मसमर्पण

सूत्रों के मुताबिक जुलाई 2010 में बीएसपी सरकार के मंत्री नंद कुमार नंदी पर प्रयागराज में हुए हमले में विजय मिश्रा का नाम आया था। इसके चलते साल 2011 में विजय मिश्रा ने दिल्ली में लंबी दाढ़ी और लंबे बालों में साधु वेश में समर्पण किया था। जेल में ही रहकर साल 2012 में वह एसपी के टिकट पर ज्ञानपुर से विधानसभा का चुनाव लड़े और फिर विजयी हुए। विधायक विजय मिश्रा पर दर्जनों से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं और कई चर्चित अपराधिक मामलों में भी इनका नाम आया।

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