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#MODI’S Birthday VS # राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस

जहाँ एक ओर 17 सितम्बर को भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस मना रहे हैं वही दूसरी कांग्रेस कार्यकर्ता और सभी छात्र इस दिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मना रहे है| बात करे सोशल मीडिया या फिर ट्विटर की तो आज ट्विटर पर सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग #NationalUnemploymentDay है|

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जहां एक ओर कोरोना महामारी ने सभी देशो की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रखी है वही दूसरी ओर भारत भी इस महामारी से बचा नही है| इस महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था पर भी बहुत बड़ा प्रभाव डाला है| हर तरह का आम आदमी इस महामारी की वजह से आर्थिक रूप से टूटा है| जहाँ एक ओर कई कर्मचारियों की नौकरी इस महामारी ने खा ली है वही दूसरी ओर छात्र भी इस महामारी के दुष्प्रभाव की चपेट में आये है|
छात्रों का भविष्य पूरी तरह से दांव पर लगा हुआ है| यह महामारी तो इस वर्ष आई है पर छात्रों की भर्तियाँ कई सालो से अटकी हुई है| कई सालों से या तो किसी विभाग में वैकेंसी नहीं आई है या तो जो वैकेंसी आ भी रही है वो हर साल कम होती चली जा रही है| बात करें बैंकिंग सेक्टर की तो आज से 5 साल पहले अगर बैंक एग्जाम में 12000 वैकेंसी आती थी आज उसकी जगह सिर्फ 1000 वैकेंसी आ रही है| IBPS PO के एग्जाम की बात करे तो आज से 5 साल पहले इसमें 12000 वैकेंसी आई थी जबकि इस साल IBPS PO 2020 में सिर्फ 1417 वेकेंसी आई| हर साल बैंक एग्जाम के लिए कुल 10 करोड़ छात्र अप्लाई करता है| अगर सिर्फ 1000 या 1417 वेकेंसी आ रही है तो सोचिये 1 सीट पर 100000 छात्र अप्लाई कर रहा है जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है| ये तो सिर्फ बैंकिंग सेक्टर की बात हुई इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र का भी यही हाल हो रहा है शिक्षक भर्ती भी कई सालो से रुकी हुई है| किसी भी विभाग में कोई भर्तियाँ नही की जा रही है और जो भर्ती आ भी रही है तो उसमे वैकेंसी की संख्या कम होती चली जा रही है| ऐसा लगता है कि ये विभाग वाले भर्ती निकाल कर सिर्फ ये दिखाना चाह रहे है कि देखो हमने वैकेंसी निकाली है| क्योंकि इतनी कम वैकेंसी से किसी छात्र का भविष्य तो संवारेगा नही बल्कि छात्र का भविष्य डूबता ही चला जायेगा| अब इस हालात में छात्रों का बेरोजगार होना लाजिमी है| वैसे ही छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है दूसरी ओर जो भर्तियाँ आ भी रही है उसके भर्ती फॉर्म की फ़ीस देख के ऐसा लग रहा है कि विभाग छात्रों से फॉर्म की फीस ले कर इतना राजस्व कमा लेगा कि 4 से 5 साल तक अपने यहाँ के कर्मचारियों को इस फीस से आराम से तनख्वाह दे देगा| बात करे एग्जाम फीस की तो बैंक एग्जाम में जो भी वेकेंसी आ रही है उसकी फीस लगभग 600 से 900 के बीच है| अब सोचिये अगर 10 करोड़ छात्र एक एग्जाम के लिए फॉर्म भरते है तो बैंक एग्जाम करने वाली संस्थान करीब 10 अरब रूपए सिर्फ फॉर्म फीस से कमा रही है| तो ये एक तरह से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नही है| एग्जाम करने वाली संस्थाओं ने एग्जाम को धंधा बना कर रखा है| ऐसे में छात्र का भविष्य अंधकार में जाना लाजिमी है तो ऐसे में छात्र क्या करे बेरोजगार छात्र का इस तरह प्रदर्शन करना लाजिमी है क्योंकि अब कोई भी छात्र के बारे में सोच भी नही रहा है|
इसी पर एक कहावत याद आती है-
भर्ती निकले तो इम्तेहान नही
परीक्षा हो तो परिणाम नही
परिणाम निकले तो जॉइनिंग का नाम नहीं
आखिर क्यों युवाओं का सम्मान नहीं|

#राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस  
  

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