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विराट ने याद किया वो रोता हुआ दौर, साझा की कड़वी यादें

भारत के सफलतम क्रिकेटरों में से एक और मौजूदा दौर के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली के लिए 2014 का इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक रहा था। टीम इंडिया के कप्तान विराट ने तब 10 पारियों में 13.40 की औसत से 134 रन बनाए थे। विराट के इस प्रदर्शन के लिए उनकी खूब आलोचना भी हुई थी। अब करीब सात साल बाद विराट ने एक बार फिर से उस दौरे के अपने कड़वे अनुभव को साझा किया है।

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विराट ने बताया कि इस दौरे पर फेल होने के बाद वे खुद को दुनिया का सबसे अकेला आदमी महसूस कर रहे थे और अवसाद का शिकार हो गए थे। कप्तान कोहली ने इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी मार्क निकोलस के साथ एक बातचीत में उस दौरे के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वे कैसे मानसिक अवसाद से गुजरने लगे थे। 

कोहली से जब पूछा गया कि वह कभी डिप्रेशन में रहे, तो उन्होंने इसे कबूल किया और कहा, 'हां, मेरे साथ ऐसा हुआ था। यह सोचकर अच्छा नहीं लगता था कि आप रन नहीं बना पा रहे हो और मुझे लगता है कि सभी बल्लेबाजों को किसी दौर में ऐसा महसूस होता है कि आपका किसी चीज पर कतई नियंत्रण नहीं है।'

इंग्लैंड दौरे के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा, 'आपको पता नहीं होता है कि इससे कैसे पार पाना है। यह वह दौर था जब मैं चीजों को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता था। मुझे ऐसा महसूस होता था जैसे कि मैं दुनिया में अकेला इंसान हूं।' 

कोहली ने याद किया कि उनकी जिंदगी में उनका साथ देने वाले लोग थे लेकिन वह तब भी अकेला महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तब उन्हें पेशेवर मदद की जरूरत थी। 

उन्होंने कहा, 'निजी तौर पर मेरे लिए वह नया खुलासा था कि आप बड़े समूह का हिस्सा होने के बावजूद अकेला महसूस करते हो। मैं यह नहीं कहूंगा कि मेरे साथ बात करने के लिए कोई नहीं था लेकिन बात करने के लिए कोई पेशेवर नहीं था जो समझ सके कि मैं किस दौर से गुजर रहा हूं। मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा कारक होता है। मैं इसे बदलते हुए देखना चाहता हूं।'

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भारतीय कप्तान का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे किसी खिलाड़ी का करियर बर्बाद हो सकता है। कोहली ने कहा, 'ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसके पास किसी भी समय जाकर आप यह कह सको कि सुनो मैं ऐसा महसूस कर रहा हूं। मुझे नींद नहीं आ रही है। मैं सुबह उठना नहीं चाहता हूं। मुझे खुद पर भरोसा नहीं है। मैं क्या करूं।' 

दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, 'कई लोग लंबे समय तक ऐसा महसूस करते हैं। इसमें महीनों लग जाते हैं। ऐसा पूरे क्रिकेट सत्र में बने रह सकता है। लोग इससे उबर नहीं पाते हैं। मैं पूरी ईमानदारी के साथ पेशेवर मदद की जरूरत महसूस करता हूं।' 

विराट ने हालांकि अपनी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहती हैं। विराट ने कहा कि हम दोनों साथ मिलकर नकारात्मकता को दूर करने के लिए आपस में बातचीत करते रहते हैं।

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